A night to remember…


Some stars slip away,
from the hands of a soapy sky

They make a pattern of dreams
some of them moist, some a little dry

The dreams untie some loose thoughts
the ones that almost said goodbye

The thoughts trek to the moon
and choose a place to lie

The moon wants to break free
some selfish clouds push him to a standby

The stars pull a string of winds
and the moon takes this alibi

The clouds watch him go
as he smiles towards the dark sky

The black, and the vast cold night
wants to sleep when the sun sings a lullaby

The sun is too lazy to wake up
and the night too lazy to die

As the dawn breaks, i watch the day happen
Some feelings too nude, some feelings too shy.

 

बस शिव ही शिव है


इस शब्द से उस अर्थ तक

जीवन के हर भावार्थ तक

बस शिव ही शिव है

मेरे अहम् के तथ्य तक

मेरी आत्मा के सत्य तक

बस शिव ही शिव है

उस सूर्य से इस आग तक

इस शरीर से उस राख तक

बस शिव ही शिव है

हर मंत्र से हर वेद तक

अज्ञान से सम्वेद तक

बस शिव ही शिव है

मेरी आस्था की नींव तक

मेरी कुण्डलिनी जीव तक

बस शिव ही शिव है

मैं व्यर्थ हर इक सांस तक

तेरे चरण हैं मेरा शीश है

बस शिव ही शिव है

 

ख्याल


बहुत दिन हुए तेरे ख्याल का ख्याल आये
जब आया ख्याल तो हर जवाब के लिए कुछ सवाल आये

दिन ढलते है और शामें होती हैं
बहुत धीमी आंच पे मेरे अश्कों को उबाल आये

इन खुश्क रातों के सूरज का रंग सुर्ख है
घोल के देख मेरी साँसों में, शायद ये रंग लाल आये

कुछ जुगनुओं ने सूखे पत्तों में आग मल दी है
शायद ये आग ही मेरी जख्मी रूह का हाल बताये

मैं जागता हूँ नींदें बिछाये उस सुबह की राह में
जिस सुबह का रंग तेरे हुस्न सा बेमिसाल आये

कतरा क़तरा


कतरा क़तरा मेरे ठन्डे अश्क,
कतरा क़तरा तेरी बहकी चाहत

कतरा क़तरा मेरी उलझी आहें,
कतरा क़तरा तेरी सांस की आहट

कतरा क़तरा तेरे जिस्म की खुशबू,
क़तरा क़तरा मेरे रूह के हिस्से

कतरा क़तरा मेरे लहू की रंजिश,
क़तरा क़तरा तेरे प्यार के किस्से

कतरा क़तरा तेरी यादों का मंजर,
कतरा क़तरा मेरे कफ़न से रिश्ते

कतरा क़तरा मेरे पिघलते सपने,
क़तरा क़तरा इस मौत की किश्तें